तूने भरा रूप विकराल कालका जय होवे

Tune Bhara Roop Vikaral Kalka Jay Hove

तूने भरा रूप विकराल,
कालका जय होवे,
जय होवे तेरी जय होवे,
जय होवे तेरी जय होवे,
कलकत्ते वाली कमाल,
कालका जय होवे,
जयकाली कलकत्ते वाली,
बिगड़ी बात बनाने वाली,
तेरा वचन ना जाय खाली,
तू सारे जग की रखवाली।।

हाथ मैया के खड़ग विराजे,
खडग विराजे खप्पर साजे,
तेरे गल मुंडन की माल,
कालका जय होवे,
तुने भरा रूप विकराल,
कालका जय होवे,
जय होवे तेरी जय होवे,
जब जब भीड़ पड़ी भक्तों पर,
तूने करी सहाई,
दानव दल पर टूट पड़ी माँ,
रणचंडी बन आई।।

शमशानों में सजे माँ काली,
छम छम पायल बजती आली,
तेरे खुल्ले लंबे बाल,
कालका जय होवे,
तुने भरा रूप विकराल,
कालका जय होवे,
जय होवे तेरी जय होवे।।

असुरो को तूने संघारा,
पटक पटक कर उनको मारा,
तेरे चरण पड़े महाकाल,
कालका जय होवे,
तुने भरा रूप विकराल,
कालका जय होवे,
जय होवे तेरी जय होवे।।

जय काली कलकत्ते वाली,
बिगड़ी बात बनाने वाली,
तेरा बचन ना जाये खाली,
तू सारे जग की रखवाली,
शीश दया का हाथ माँ रख दो,
बिगडे सारे कारज कर दो,
माँ रख लो भगत का ख्याल,
कालका जय होवे,
तुने भरा रूप विकराल,
कालका जय होवे,
जय होवे तेरी जय होवे।।

तूने भरा रूप विकराल,
कालका जय होवे,
जय होवे तेरी जय होवे,
जय होवे तेरी जय होवे,
कलकत्ते वाली कमाल,
कालका जय होवे,
जयकाली कलकत्ते वाली,
बिगड़ी बात बनाने वाली,
तेरा वचन ना जाय खाली,
तू सारे जग की रखवाली।।

गायक / लेखक – सुधीर राजपूत।
म्यूज़िक – DN मिश्रा जी।
Upload – Shankar yadav

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