Wahan Khushiyon Ka Hota Savera Lyrics
वहाँ खुशियों का होता सवेरा,
जहाँ भी तेरी ज्योत जलती माँ,
जहाँ भी तेरी ज्योत जलती,
वहाँ रहता ना एक पल अँधेरा,
वहाँ रहता ना एक पल अँधेरा,
जहाँ भी तेरी ज्योत जलती माँ,
जहाँ भी तेरी ज्योत जलती।।
चिंतपूर्णी तेरे नाम का चिंतन,
हर एक चिंता हरता,
सुख सागर से घर भक्तों का,
घड़ियों में ही भरता,
वहां ज्ञान का अमृत बरसे,
और कोई मन ना प्यासा तरसे,
जहाँ भी तेरी ज्योत जलती माँ,
जहाँ भी तेरी ज्योत जलती।।
जो प्राणी तेरे पद पंकज में,
नतमस्तक हो जाते,
रोग शोक संताप के दानव,
उनको नहीं सताते,
वहां भूल के भी छाए ना निराशा,
वहां पूरी हो जाए हर आशा,
जहाँ भी तेरी ज्योत जलती माँ,
जहाँ भी तेरी ज्योत जलती।।
तेरी ममता को जगमाता,
सब ही बालक प्यारे,
क्या निर्धन क्या धनी है मैया,
सब तेरी आँख के तारे,
तेरी धुन में जो हँसते रोते,
सिद्ध उनके मनोरथ होते,
जहाँ भी तेरी ज्योत जलती माँ,
जहाँ भी तेरी ज्योत जलती।।
वहाँ खुशियों का होता सवेरा,
जहाँ भी तेरी ज्योत जलती माँ,
जहाँ भी तेरी ज्योत जलती,
वहाँ रहता ना एक पल अँधेरा,
वहाँ रहता ना एक पल अँधेरा,
जहाँ भी तेरी ज्योत जलती माँ,
जहाँ भी तेरी ज्योत जलती।।
स्वर – श्री लखबीर सिंह लख्खा जी।