Mere Ghar Par Jhunjhan Wali Ki Dhwaja Lahrati Hai
अपने परिवार पे दादी,
किरपा बरसाती है,
मेरे घर पर झुंझणवाली की,
ध्वजा लहराती है।।
जब जब ध्वजा लहराये,
हर संकट है घबराये,
माँ की चुनड़ी जब लहराये,
मुझपे ममता बरसाये,
संकट आने से हो,
संकट आने से पहले,
माँ खुद आ जाती है,
मेरे घर पर झुँझणवाली की,
ध्वजा लहराती है।।
जब जब दु:ख ने मुझे घेरा,
जब छाया घोर अंधेरा,
दादी ने मुझे संभाला,
हर संकट से है निकाला,
अपने बच्चों को दादी,
अपने बच्चों को दादी,
दु:ख में देख ना पाती है,
मेरे घर पर झुँझणवाली की,
ध्वजा लहराती है।।
ध्वजा केसरिया प्यारी,
जिसमें गोटा और तारी,
सारी दुनिया में है न्यारी,
करे भक्तों की रखवारी,
गोदी में बिठाके हो,
गोदी में बिठाके दादी,
‘मधु’ का लाड लडाती है,
मेरे घर पर झुँझणवाली की,
ध्वजा लहराती है।।
अपने परिवार पे दादी,
किरपा बरसाती है,
मेरे घर पर झुंझणवाली की,
ध्वजा लहराती है।।
Singer & Lyricist – Madhu Kedia