वो अपनी चामुंडा मैया का द्वार है

Vo Apni Chamunda Maiya Ka Dwar Hai

भक्तों की जीत है जहां,
दुखों की हार है,
वो अपनी चामुंडा,
मैया का द्वार है,
तुलजा भवानी भी,
साथ हर बार है,
भक्तों की जीत है जहां,
दुखों की हार है।।

खुशियों के रंग से तूने सजाया,
सपनों का शहर देवास है,
ऊंचे पहाड़ों पर बैठी हो मैया,
कीरपा तेरी सबके पास है,
माँ शेरोवाली के ये दो अवतार है,
भक्तों की जीत है जहां,
दुखों की हार है।।

बनते नहीं है गर काम तेरे,
मैया से कीरपा उधार ले,
किस्मत के संग में अब तो दीवाने,
तू अपना वक्त सुधार ले,
मिलता रहे मां हमें तेरा प्यार है,
भक्तों की जीत है जहां,
दुखों की हार है।।

चामुंडा रूप में अंबे भवानी,
तेरा बरोठा में वास है,
तेरी शरण में है मोज सबकी,
तुझसे जुड़ी सबकी आस है,
सुनती सभी के मन की पुकार है,
भक्तों की जीत है जहां,
दुखों की हार है।।

अपनी ये मां है ममता की मूरत,
मैया का दिल बड़ा साफ है,
रूठी नहीं है मैया किसी से,
भक्तों की भूल करे माफ है,
साथ रहना मेरे तू मेरा परिवार है,
भक्तों की जीत है जहां,
दुखों की हार है।।

भक्तों की जीत है जहां,
दुखों की हार है,
वो अपनी चामुंडा,
मैया का द्वार है,
तुलजा भवानी भी,
साथ हर बार है,
भक्तों की जीत है जहां,
दुखों की हार है।।

गायक – लक्ष्य गुप्ता देवास
लेखक – जयंत सांखला।

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