Ambe Rani Mat Bhawani Sinvahini Jagkalyani
अम्बे रानी मात भवानी,
सिहंवाहिनी जगकल्याणी,
जगमग सजी है नगरिया,
आये हैं तोहरी दुवरिया,
माँ आये हैं तोहरी दुवरिया।।
हे महिषासुर मर्दिनी माता,
जगमंगल हित शक्तिसुमाता,
सुख और वैभव की तू दाता,
सकल जगत तेरे गुण गाता,
तुझसा कोई और न दूजा,
नित हो तेरी घर-घर पूजा,
करती हो सिंह की सवरिया,
आये हैं तोहरी दुवरिया,
माँ आये हैं तोहरी दुवरिया।।
जो भी खाली झोली लाता,
दर से तेरे खाली न जाता,
भक्त तेरा करता जगराता,
दर्शन कर सौभाग्य को पाता,
हम भी आये आस लगाए,
तेरे ही गुणगान को गाये,
कब लोगी हमरी खबरिया,
आये हैं तोहरी दुवरिया,
माँ आये हैं तोहरी दुवरिया।।
अम्बे रानी मात भवानी,
सिहंवाहिनी जगकल्याणी,
जगमग सजी है नगरिया,
आये हैं तोहरी दुवरिया,
माँ आये हैं तोहरी दुवरिया।।
Singer – Janhavi