नव कोटि दुर्गा सिंह धडुके थारे बारणै भजन लिरिक्स
Nav Koti Durga Singh Dhaduke Thare Barnai Bhajan Lyrics नव कोटि दुर्गा, सिंह धडुके थारे बारणै, सिंह धडूकै थारै बारणै।। इंद्र घटा छाई घणी है, देख्या आनंद आवे जी, निज मंदिर में आप विराजो, दर्शन घणा सुहावे जी, नव कोटि दुर्गां, सिंह धडुके थारे बारणै।। ब्रम्हा रूप भई है व्यापक, रोम रोम में सारै, जिन … Read more