आई गरबे की रुत ये सुहानी गरबा भजन लिरिक्स

Aai Garbe Ki Rut Ye Suhani Garba Bhajan Lyrics

आई गरबे की रुत ये सुहानी,
आओ मिल के गरबा करे,
गरबा करे माई गरबा करे,
गरबा करे माई गरबा करे,
मोरे आँगन में आओ महारानी,
आओ मिल के गरबा करे,
आईं गरबे की रुत ये सुहानी,
आओ मिल के गरबा करे।।

ढोल नगाड़े डंका बजे,
अंगना में माई के धूम मचे,
दे दो दर्शन माँ अम्बे रानी,
आओ मिल के गरबा करे,
आईं गरबे की रुत ये सुहानी,
आओ मिल के गरबा करे।।

अंगना में माई के राम चले,
सिता चले और लक्ष्मण चले,
हनुमान जी बजाये मिल के ताली,
आओ मिल के गरबा करे,
आईं गरबे की रुत ये सुहानी,
आओ मिल के गरबा करे।।

अंगना में माई के भोले चले,
भोले चले माँ गौरा चले,
नंदी बजाये मिल के ताली,
आओ मिल के गरबा करे,
आईं गरबे की रुत ये सुहानी,
आओ मिल के गरबा करे।।

अंगना में माई के कृष्ण चले,
कृष्ण चले और राधा चले,
बलदाऊ बजाये मिल के ताली,
Bhajan Diary Lyrics,
आओ मिल के गरबा करे,
आईं गरबे की रुत ये सुहानी,
आओ मिल के गरबा करे।।

आई गरबे की रुत ये सुहानी,
आओ मिल के गरबा करे,
गरबा करे माई गरबा करे,
गरबा करे माई गरबा करे,
मोरे आँगन में आओ महारानी,
आओ मिल के गरबा करे,
आईं गरबे की रुत ये सुहानी,
आओ मिल के गरबा करे।।

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