Dur Huye Sab Gam Ke Badal Maa Ka Dir Pe Hath Hai Lyrics
दूर हुए सब गम के बादल,
माँ का सिर पे हाथ है,
साथ हमारे अम्बे माँ है,
डरने की क्या बात है,
साथ हमारे अम्बे माँ है,
डरने की क्या बात है।।
जीवन में दुःख बहुत है झेले,
अब ना दुःख हम झेलेंगे,
दुनिया ने हमसे है खेला,
अब उनसे हम खेलेंगे,
मेरी खुशहाली जो रोके,
अब किसकी औकात है,
साथ हमारे अम्बे माँ है,
डरने की क्या बात है,
साथ हमारे अम्बे माँ है,
डरने की क्या बात है।।
मेरी झोली भर दी माँ ने,
जो माँगा वो माँ ने दिया,
सुख दुःख में मेरे परिवार का,
मैया ने है साथ दिया,
जिसने माँ को मन से चाहा,
मिली उसे सौगात है,
साथ हमारे अम्बे माँ है,
डरने की क्या बात है,
साथ हमारे अम्बे माँ है,
डरने की क्या बात है।।
वो है बड़े नसीबो वाला,
जिसके घर माँ आती है,
खुशियाँ दे के अम्बे मैया,
दुःख सारे ले जाती है,
जय जयकार करेंगे माँ का,
जागे वाली रात है,
साथ हमारे अम्बे माँ है,
डरने की क्या बात है,
साथ हमारे अम्बे माँ है,
डरने की क्या बात है।।
दूर हुए सब गम के बादल,
माँ का सिर पे हाथ है,
साथ हमारे अम्बे माँ है,
डरने की क्या बात है,
साथ हमारे अम्बे माँ है,
डरने की क्या बात है।।
स्वर – विपिन जी सचदेवा।