मेरी सेठ मसानी रे मेरे घर आजा

Meri Seth Masani Re Mere Ghar Aaja

मेरी सेठ मसानी रे,
मेरे घर आजा,
मेरी शीतला रानी रे,
मेरे घर आजा,
घर आजा भाग्य जगा जा,
मेरीं सेठ मसानी रे,
मेरे घर आजा।।

कब ते तेरी बाट निहारू,
तेरी रे जोत पे सिर मारू,
गुडगामे आली री,
मेरी बिगड़ी बना जा,
मेरीं सेठ मसानी रे,
मेरे घर आजा।।

माई री तेरा भोग हूं ल्याई,
काहे ना सुनती मेरी सुनाई,
चोगानन आली री,
आके भोग लगा जा,
मेरीं सेठ मसानी रे,
मेरे घर आजा।।

थारे भगतां ने महिमा गाई,
सुन के थारे दर पे आई,
मेरी लाडो रानी री,
मने दरस तू दिखा जा,
मेरीं सेठ मसानी रे,
मेरे घर आजा।।

मेरी सेठ मसानी रे,
मेरे घर आजा,
मेरी शीतला रानी रे,
मेरे घर आजा,
घर आजा भाग्य जगा जा,
मेरीं सेठ मसानी रे,
मेरे घर आजा।।
स्वर – तान्या लाडली भारद्वाज।

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