मेरी शेरावाली माँ सच्चा तेरा दरबार

Meri Sherawali Maa Saccha Tera Darbar

मेरी शेरावाली माँ सच्चा तेरा दरबार,
मन की मुरादें मिल जाती है,
मन की मुरादें मिल जाती,
जो आया हाथ पसार,
मेरी शेरावाली मां सच्चा तेरा दरबार।।

सूरज की पहली किरणों से,
होता रूप निखार,
दूर कभी भी दूर ना होता,
हाँ सोलह करे श्रृंगार,
मेरी रानी माँ सच्चा तेरा दरबार,
मेरी शेरावाली मां सच्चा तेरा दरबार।।

ये सारा जग गोद में खेले,
तू ही पालनहार,
किस्मत लिखने वाली माँ है,
तू ही सुने पुकार,
हाँ तू ही सुने पुकार,
महारानी माँ सच्चा तेरा दरबार,
मेरी शेरावाली मां सच्चा तेरा दरबार।।

तेरे हाथो की कठपुतली,
ये सारा संसार,
तू ही हर आँगन महकाती,
करके मौज बहार,
हाँ करके मौज बहार,
अम्बे रानी माँ सच्चा तेरा दरबार
मेरी शेरावाली मां सच्चा तेरा दरबार।।

बन कर ढाल सम्भालो मुझको,
शरण तेरी परिवार,
सुबह शाम चरणों में तेरे,
याद करे माँ गुहार,
अरे याद करे माँ गुहार,
महारानी माँ सच्चा तेरा दरबार,
मेरी शेरावाली मां सच्चा तेरा दरबार।।

मेरी शेरावाली माँ सच्चा तेरा दरबार,
मन की मुरादें मिल जाती है,
मन की मुरादें मिल जाती,
जो आया हाथ पसार,
मेरी शेरावाली मां सच्चा तेरा दरबार।।

Singer – Sheetal Pandey Ji

Leave a Comment