आरती जगमग जगमग चमके बालाजी महाराज की

Aarti Jagmag Jagmag Chamke Balaji Maharaj Ki

आरती जगमग जगमग चमके,
बालाजी महाराज की,
बालाजी महाराज की,
सालासर दरबार की,
आरती जगमग जगमग चमकें,
बालाजी महाराज की।।

चैत सुदी पूनम को जन्मे,
अंजनी आज खुशी है मन में,
शोभा बनी है देखो,
अंजनी के लाल की,
आरती जगमग जगमग चमकें,
बालाजी महाराज की।।

मस्तक मुकुट हीरो का सोहे,
कानों में कुंडल अति मन मोहे,
झांकी सजी है देखो,
पवन कुमार की,
आरती जगमग जगमग चमकें,
बालाजी महाराज की।।

भक्तों के दुख हरने ताहि,
अंजनी लाड लडायो मन माही,
महिमा बनी है देखो,
बाला जी सरकार की,
आरती जगमग जगमग चमकें,
बालाजी महाराज की।।

जो कोई बालाजी की,
आरती गावे,
उसका बेड़ा बाबो पार लगावे,
आरती उतारो सब मिल,
सालासर दरबार की,
आरती जगमग जगमग चमकें,
बालाजी महाराज की।।

आरती जगमग जगमग चमके,
बालाजी महाराज की,
बालाजी महाराज की,
सालासर दरबार की,
आरती जगमग जगमग चमकें,
बालाजी महाराज की।।

गायक – श्री सम्पत दाधीच।

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