चरण में रखना शरण में रखना

Charan Mai Rakhna Sharan Mai Rakhna

चरण में रखना,
शरण में रखना,
सदा ही अपनी,
लगन में रखना,
आँखे जो मुंदु,
हो तेरे दर्शन,
सदा ही ऐसे,
भजन में रखना।।

सुख के उजाले,
दुःख के अँधेरे,
जो भी हो हरदम,
मगन में रखना,
मेरी चमक और,
दमक को दाता,
सदा ही ऐसे,
बनाए रखना।।

साँसों की माला,
सिमरण के मोती,
भटके नहीं मन,
जपन में रखना,
कृपा तुम्हारी,
बहार जैसी,
जीवन को मेरे,
महकाए रखना।।

तुम्हे पुकारूँ,
आहों में अपनी,
भजन की राहों में,
लगाए रखना,
मैंने तो अपना,
तुम्हे ही माना,
सदा ही अपना,
बनाए रखना।।

तेरी कृपा का,
हो हाथ मुझ पर,
रखूं भरोसा,
दिन रात तुझ पर,
हर एक बंधन,
से मुक्त हो लूँ,
भक्ति के ऐसे,
बंधन में रखना।।

चरण में रखना,
शरण में रखना,
सदा ही अपनी,
लगन में रखना,
आँखे जो मुंदु,
हो तेरे दर्शन,
सदा ही ऐसे,
भजन में रखना।।

Leave a Comment