हनुमत कोटि कोटि प्रणाम

Hanumat Koti Koti Pranam

हनुमत कोटि कोटि प्रणाम,

दोहा – सेवा से प्रसन्न भए,
वर दे डाले भगवान।
हर बाधा से मुक्त करेंगे,
पवन पुत्र हनुमान॥

हर संकट में साथ निभाए,
किए राम के काज तमाम।
बल बुद्धि ज्ञान के दाता,
हनुमत कोटि कोटि प्रणाम॥

सुग्रीव से राम मिलाए,
सीता मां की सुधि लगाए।
लांघ के सागर लंक जलाए,
चूड़ामणि निशानी लाए।
कर आए तुम धन्य विभीषण,
सुना राम का नाम,
बल बुद्धि ज्ञान के दाता,
हनुमत कोटि कोटि प्रणाम॥

संजीवन बूंटी ले लाए,
लक्ष्मण के प्राण बचाए।
अहिरावण मार गिराए,
राम लखन छुड़ा के लाए।
नागपाश से मुक्त कराए,
ले आए गरुड हनुमान।
बल बुद्धि ज्ञान के दाता,
हनुमत कोटि कोटि प्रणाम॥

दिल में तुम श्री राम बसाए,
प्रभु सेवा का वर तुम पाए।
बिना तुम्हारी आज्ञा कोई,
श्री राम से मिल ना पाए।
‘ओम सैन’ लगाए प्रीत,
गीत ‘अभिजीत’ सुनाए राम।
बल बुद्धि ज्ञान के दाता,
हनुमत कोटि कोटि प्रणाम॥

हर संकट में साथ निभाए,
किए राम के काज तमाम।
बल बुद्धि ज्ञान के दाता,
हनुमत कोटि कोटि प्रणाम,
हनुमत कोटि कोटि प्रणाम॥

Singer – Abhijit Chopra

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