थारो म्हारो मावड़ी घणी पुराणी प्रीत
Tharo Mharo Mawadi Ghani Purani Preet थारो म्हारो मावड़ी, घणी पुराणी प्रीत, केड आवां तो लागे है-2, जईयां आग्या म्हे तो पीर, थारो म्हारों मावडी, घणी पुराणी प्रीत।। जठै जठै मैं चालूँ मावड़ी, थे तो फूल बिछाओ हो, जी कानी मैं देखूँ मावड़ी, नजर मन्ने थे ही आओ, मिलतो रवे दादी म्हाने-2, इक थारो प्यार … Read more