जगदम्बा हमरे घर में पधार रही रे लिरिक्स
Jagdamba Humre Ghar Me Padhar Rahi Re Lyrics जगदम्बा हमरे घर में, पधार रही रे।। मोतियन चौक में द्वारे पुराऊं, मल मल आसन सजाय दयों रे, जगदम्बा हमरे घर मे, पधार रही रे।। गंगा जल से चरण पखारुं, चरणन फूल चढ़ाए दइयों रे, जगदम्बा हमरे घर मे, पधार रही रे।। कंचन थार कपूर की बाती, … Read more